कोलकाता में दुर्गा पूजा सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि यहां के लोगों के लिए एक खास एहसास है। पूजा के दिनों में पूरा शहर रोशनी, ढाक की आवाज, मां दुर्गा की प्रतिमाओं और खूबसूरत पंडालों से सज जाता है। अगर आप 2026 में कोलकाता की दुर्गा पूजा देखने जाने का प्लान बना रहे हैं, तो पहले उन पंडालों की लिस्ट देख लीजिए जिन्हें इस साल खास तौर पर चर्चा मिल रही है।
Kolkata Durga Puja 2026 के लिए 16 से 21 अक्टूबर तक पूजा के प्रमुख दिन हैं। इस दौरान उत्तर कोलकाता, दक्षिण कोलकाता और न्यू टाउन के पंडालों में घूमने के लिए आप अपनी यात्रा की योजना बना सकते हैं।
Kolkata Durga Puja Pandal 2026 List: 10 प्रसिद्ध पंडाल
इस सूची में 2026 की रिपोर्टों में बताए गए पंडाल और थीम शामिल हैं। आयोजन के दौरान सजावट या थीम में बदलाव हो सकता है।
1. न्यू टाउन सर्वজনীন दुर्गा पूजा
लोकेशन: न्यू टाउन, कोलकाता
2026 की रिपोर्ट के अनुसार, यहां ‘पद्म-भूषण’ थीम के जरिए बंगाल की सांस्कृतिक विरासत और कमल के प्रतीक को दिखाने की तैयारी की गई है।
2. बागबाजार सर्वজনীন
लोकेशन: उत्तर कोलकाता
पारंपरिक दुर्गा पूजा, पुराने रीति-रिवाज और पारंपरिक प्रतिमा देखने के लिए यह प्रसिद्ध पंडाल है। अगर आप थीम पंडालों के साथ बंगाल की पुरानी पूजा परंपरा भी देखना चाहते हैं, तो इसे सूची में रख सकते हैं।
3. नलिन सरकार स्ट्रीट
लोकेशन: उत्तर कोलकाता
इस साल की रिपोर्ट में यहां की थीम ‘जललिपि’ बताई गई है। इसमें गंगा के इतिहास और नदी को प्रदूषण से बचाने के संदेश को कला के माध्यम से पेश करने की बात कही गई है।
4. संतोष मित्र स्क्वायर
लोकेशन: सेंट्रल कोलकाता
2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां ‘सनातनी चेतना में वंदे मातरम’ थीम रखी गई है। यह आयोजन वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने की पृष्ठभूमि से जुड़ा बताया गया है।
5. एकडालिया एवरग्रीन
लोकेशन: बालीगंज, दक्षिण कोलकाता
यह पंडाल भव्य मंदिरनुमा सजावट और पारंपरिक प्रतिमा के लिए जाना जाता है। 2026 की पंडाल गाइड में यहां सोमनाथ मंदिर से प्रेरित सजावट का उल्लेख है।
6. दमदम पार्क तरुण संघ
लोकेशन: दमदम पार्क क्षेत्र
इस साल की रिपोर्ट में ‘बिणिया कथा’ थीम का जिक्र है, जो भारत के पुराने समुद्री व्यापार के इतिहास को कलात्मक रूप में पेश करती है।
7. दमदम पार्क सर्वজনীন
लोकेशन: दमदम पार्क, कोलकाता
2026 की रिपोर्ट के अनुसार, ‘पंचालटिका’ थीम में लुप्त होती कठपुतली कला को जीवंत करने की कोशिश की गई है। पारंपरिक लोककला में रुचि रखने वालों के लिए यह एक दिलचस्प विकल्प है।
8. साल्ट लेक ईसी ब्लॉक
लोकेशन: साल्ट लेक, कोलकाता
इस पंडाल की 2026 थीम ‘महाभारत’ बताई गई है। रिपोर्ट में श्रीकृष्ण और बड़े आकार की कलात्मक संरचनाओं का उल्लेख है।
9. सुरुचि संघ
लोकेशन: न्यू अलीपुर, दक्षिण कोलकाता
2026 की रिपोर्ट में ‘उत्स’ थीम का उल्लेख है। इसमें डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन और विचारों को प्रस्तुत करने की बात कही गई है।
10. मैडॉक्स स्क्वायर
लोकेशन: बालीगंज, दक्षिण कोलकाता
मैडॉक्स स्क्वायर पूजा के साथ दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताने के माहौल के लिए भी लोकप्रिय है। यहां पारंपरिक पूजा और प्रतिमा का अनुभव लेने के लिए जा सकते हैं।
कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल किस इलाके में देखें?
अगर आप पहली बार कोलकाता जा रहे हैं, तो पंडालों को इलाके के हिसाब से देखने की योजना बनाएं। इससे एक ही दिन में शहर के अलग-अलग छोर पर जाने की भागदौड़ कम होगी।
उत्तर कोलकाता
बागबाजार, कुम्हारटोली पार्क और नलिन सरकार स्ट्रीट जैसे पंडालों को एक रूट में रखने की कोशिश करें। यहां पारंपरिक पूजा और कलात्मक सजावट दोनों देखने को मिल सकती हैं।
दक्षिण कोलकाता
एकडालिया एवरग्रीन, मैडॉक्स स्क्वायर और सुरुचि संघ को अपने प्लान में शामिल कर सकते हैं। लोकप्रिय पंडालों पर शाम के समय भीड़ अधिक हो सकती है।
न्यू टाउन और साल्ट लेक
न्यू टाउन सर्वজনীন और साल्ट लेक ईसी ब्लॉक की पूजा देखने के लिए इस इलाके के पंडाल अलग से प्लान करें। इन्हें उत्तर या दक्षिण कोलकाता के साथ जोड़ने से पहले यात्रा का समय देख लें।
कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल घूमने का सही तरीका
- रूट पहले तय करें: एक रात में पूरे कोलकाता के पंडाल देखने की कोशिश न करें। एक इलाके के पंडाल चुनें।
- मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन देखें: पूजा के दिनों में ट्रैफिक और सड़क पर लोगों की भीड़ बढ़ सकती है। निकलने से पहले मेट्रो की ताजा जानकारी देख लें।
- आरामदायक जूते पहनें: पंडाल देखने के दौरान काफी पैदल चलना पड़ सकता है।
- बच्चों और बुजुर्गों के साथ सावधानी रखें: भीड़ वाले समय में मिलने की जगह पहले तय कर लें और पानी साथ रखें।
- थीम की ताजा जानकारी देखें: किसी पंडाल का नाम या थीम लोकप्रिय होने का मतलब यह नहीं कि हर साल वही सजावट होगी।
पंडालों की लोकेशन और रास्ता देखने के लिए Kolkata Durga Puja Pandal Map 2026 भी उपयोगी हो सकता है। इस वेबसाइट पर पंडालों के साथ मेट्रो और पैदल चलने वाले रूट की जानकारी दी गई है।